हॉजकिन्स लिंफोमा का इलाज | Hodgkin’s Lymphoma Treatment in Hindi

अगर किसी को हॉजकिन्स लिंफोमा होने के कोई संकेत या लक्षण दिखाई दें, तो रोग की पहचान के लिए कुछ जांच की जानी ज़रूरी हैं और इससे रोग की स्टेज जानकार इसका उचित इलाज किया जा सकता है।

हॉजकिन्स लिंफोमा का इलाज कई बातों पर निर्भर करता है जैसे HL (हॉजकिन्स लिंफोमा) का प्रकार, रोग की स्टेज, रोगी की उम्र, हालत, अन्य कारकों के साथ प्रतिकूल रोगनिरोधी कारकों(adverse prognostic factors) की उपस्थिति। इसके और भी कारक हो सकते हैं।

 

विभिन्न स्टेजों के HL (हॉजकिन्स लिंफोमा) का इलाज | Treatment for different stages of HL in Hindi

स्टेज I और II (क्लासिकल HL/classical HL)

कीमोथेरेपी शुरूवात का प्राथमिक इलाज/standard treatment है। कीमोथेरेपी के प्रकार और चक्र की संख्या/number of cycles खराब रोगनिरोधी कारकों/prognostic factors की उपस्थिति/अनुपस्थिति से निर्धारित होती है। कीमोथेरेपी और/या रेडिएशन थेरेपी को जोड़ने का निर्णय प्रारंभिक चिकित्सा (जैसे PET-CT स्कैन द्वारा मूल्यांकन) की प्रतिक्रिया और खराब रोगनिरोधी कारकों और रोग बल्क/disease bulk की उपस्थिति/अनुपस्थिति पर निर्भर करता है।

स्टेज III और IV (क्लासिकल HL/classical HL)

स्टेज III और IV के रोगियों में, कीमोथेरेपी शुरूवात का प्राथमिक इलाज/standard treatment है। कीमोथेरेपी के प्रकार और चक्र की संख्या/number of cycles खराब रोगनिरोधी कारकों/prognostic factors की उपस्थिति/अनुपस्थिति से निर्धारित होती है। कीमोथेरेपी और/या रेडिएशन थेरेपी को जोड़ने का निर्णय प्रारंभिक चिकित्सा (जैसे PET-CT स्कैन द्वारा मूल्यांकन) की प्रतिक्रिया और खराब रोगनिरोधी कारकों और रोग बल्क/disease bulk की उपस्थिति/अनुपस्थिति पर निर्भर करता है।

स्टेज I और II (NLPHL)

खराब रोगनिरोधक कारकों/poor prognostic factors की अनुपस्थिति में, सिर्फ़ जाँच करना या रेडियोथेरेपी देना पर्याप्त हो सकता है। खराब रोगनिरोधक कारकों/poor prognostic factors की उपस्थिति में, रेडियोथेरेपी के साथ/बिना टार्गेटेड थेरेपी (रिटुक्सींमैब/Rituximab) के साथ कीमोथेरेपी देना बेहतर माना जाता है।

स्टेज III और IV (NLPHL)

रेडियोथेरेपी के साथ/बिना टार्गेटेड थेरेपी (रिटुक्सींमैब/Rituximab) के साथ कीमोथेरेपी देना बेहतर माना जाता है।

 

हॉजकिन्स लिंफोमा के विभिन्न इलाज विकल्पों की जानकारी | Brief description of various treatment modalities for HL

कीमोथेरेपी (Chemotherapy)

कीमोथेरेपी (Chemotherapy)

 

कीमोथेरेपी HL/हॉजकिन्स लिंफोमा का प्राथमिक इलाज/mainstay of treatment है। कीमोथेरेपी कैंसर विरोधी दवा से किया जाने वाला इलाज है जिससे तेज़ी से बढ़ने वाले कैंसर सेल को मारा या कम किया जाता है। कई दवाओं को शामिल करने वाले कुछ मानक संयोजनों/standard combination regimen को HL/हॉजकिन्स लिंफोमा के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है, जैसे, ABVD (एड्रियामाइसिन/Adriamycin, ब्लेमाइसिन/Bleomycin, विनबलास्टाइन/Vinblastine, और डार्कबज़िन/Dacarbazine), और स्टैनफोर्ड वी/Stanford V (एड्रैमाइसिन/Adriamycin, मेक्लोरोथमाइन/Mechlorethamine, विन्क्रिस्टाइन/Vincristine, विनब्लस्टाइन/Vinblastine, ब्लेमाइसिन/Bleomycin, एलोपोसाइड/Etoposide, प्रेडिसाइड/Prednisone)।

इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जैसे जी-मचलाना/उलटी, बाल झड़ना, थकान, सेल की कमी/cytopenias, आदि। यह इसीलिए है क्योंकि यह इलाज कैंसर सेल के अलावा सामान्य सेल पर भी अपना असर छोड़ता है।

रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy)

रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy)

 

रेडिएशन थेरेपी में तेज़ ऊर्जा एक्स-रे या अन्य तेज़ विकिरण का इस्तेमाल होता है जिसे कैंसर सेल को मारने के लिए उनपर सीधा डाला जाता है।

इसे आम तौर पर HL/हॉजकिन्स लिंफोमा के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है, यह ख़ास तौर पर शरीर के एक हिस्से तक सीमित बल्कि बीमारी/bulky disease के मामले में होता है। प्रारंभिक स्टेज के NLPHL के इलाज के लिए अकेले रेडिएशन थेरेपी देना बेहतर माना जाता है।

कभी-कभी, इसे दोष घटानेवाले इलाज/palliative therapy की तरह इस्तेमाल में लाया जाता है ताकि इससे दर्द रोकना, खून का बहना कम करना, और आगे की स्टेज से जुडी दिक्कतों को किया जा सके।

मोनोक्लोनल एंटीबॉडी (Monoclonal Antibodies)

मोनोक्लोनल एंटीबॉडी (Monoclonal Antibodies)

 

मोनोक्लोनल एंटीबॉडी एक टार्गेटेड थेरेपी है जिसे कैंसर सेल की विशेषता वाले कुछ प्रोटीनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

HL/हॉजकिन्स लिंफोमा के इलाज के लिए, ब्रेणटुक्शिमाब वेदोतीन/Brentuximab Vedotin (जो HL/हॉजकिन्स लिंफोमा सेल पर CD30 प्रोटीन को टार्गेट करता है) और रिटुक्सींमैब/Rituximab (जो HL/NLPHL सेल पर CD20 प्रोटीन को टार्गेट  करता है) को इस्तेमाल किया जा सकता है।

ये दवाएं कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए प्रतिरक्षा कोशिकाओं की मदद करती हैं। ब्रेणटुक्शिमाब वेदोतीन/Brentuximab Vedotin को कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी के साथ बड़ी स्टेज के HL/हॉजकिन्स लिंफोमा के लिए इस्तेमाल किया जाता है या ऐसे बड़े हुए रोग/refractory disease के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है जिसमें कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी का असर नहीं हो रहा है। रिटुक्सींमैब/Rituximab को कीमोथेरेपी की अन्य दवाओं के साथ NLPHL के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।

प्रतिरक्षा चेकपॉइंट अवरोधक (Immune checkpoint inhibitors)

प्रतिरक्षा चेकपॉइंट अवरोधक (Immune checkpoint inhibitors)

 

रोगी प्रतिरक्षा प्रणाली से बचने के लिए कैंसर सेल इन सेल पर हमले से बचने के लिए कुछ तंत्र का उपयोग करती हैं। प्रतिरक्षा चेकपॉइंट अवरोधक/Immune checkpoint inhibitors कैंसर सेल पर चेकपॉइंट को मारते हैं और इस प्रकार वह प्रतिरक्षा प्रणाली को कैंसर सेल पहचानने और मारने में सक्षम बनाते हैं।

निवोलूमैब/Nivolumab और पेमब्रोलाइज़ुमैब/pembrolizumab T-सेल पर PD-1 प्रोटीन को टार्गेट करते हैं और PD-L1 को व्यक्त/express करने वाली HL/हॉजकिन्स लिंफोमा सेल को मारने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करते हैं। जाँच से पता चला है कि इम्यूनोथेरेपी बड़ी स्टेज की बीमारी के इलाज के लिए उपयोगी पाया गया है जब कीमोथेरेपी ने इसमें असर ना किया हो।

ऑटोलॉगस स्टेम सेल ट्रांसप्लांट (Autologous Stem Cell Transplant)

ऑटोलॉगस स्टेम सेल ट्रांसप्लांट (Autologous Stem Cell Transplant)

 

SCT को HL/हॉजकिन्स लिंफोमा के कुछ रोगियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है जो इसके लिए सही हैं (जिसमें अच्छे स्वास्थ्य वाले छोटी उमर के रोगी शामिल हैं) और जिनपर कीमोथेरेपी और/या रेडियोथेरेपी का असर नहीं हो रहा है।

इस तकनीक में, रोगी के अपने स्टेम सेल/stem cells को पहले अस्थि मज्जा ऊतक/bone marrow tissue या परिधीय रक्त/peripheral blood (पसंद किया जाता है) से एकत्र किया जाता है। फिर, लिंफोमा सेल/lymphoma cells को मारने के लिए रोगी को तेज़-खुराक की कीमोथेरेपी दी जाती है।

इकठ्ठा किये गए स्टेम सेल/stem cells रोगी को फिर से दिए जाते हैं जो धीरे-धीरे रोगी के शरीर में रक्त सेल भरते/replenish हैं। यह HL/हॉजकिन्स लिंफोमा के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला सबसे आम प्रकार का SCT है।

 

पैलिएटिव ट्रीटमेंट/Palliative Treatment

इससे रोग द्वारा आए लक्षणों में राहत देकर ज़िन्दगी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है। इसमें दवाएं शामिल हैं जिससे दर्द और लक्षणों को कम किया जा सकता है जैसे उल्टी, थकान या खून बहने या दर्द आदि के लिए एक्सटर्नल-बीम रेडिएशन थेरेपी/external-beam radiation therapy दी जा सकती है। इसके और भी कई तरह के उपयोग हो सकते हैं।

इलाज का फैसला करने से पहले हर इलाज की लाभ और हानि और बाद में होने वाली दिक्कतों को समझना बहुत ज़रूरी है। कभी-कभी मरीज़ की पसंद और सेहत भी इलाज को चुनने में बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं।

 

हॉजकिन्स लिंफोमा के इलाज के बुनियादी लक्ष्य निम्नलिखित हैं:

ज़िन्दगी लम्बी करना।

लक्षणों को काम करना।

ज़िन्दगी की गुणवत्ता में सुधार लाना।

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