पैनक्रिएटिक कैंसर (अग्नाशय कैंसर) का इलाज | Pancreatic Cancer Treatment in Hindi

पैनक्रिएटिक कैंसर (अग्नाशय कैंसर) का इलाज | Pancreatic Cancer Treatment in Hindi

अगर किसी को पैनक्रिएटिक कैंसर होने के कोई संकेत या लक्षण दिखाई दें, तो रोग की पहचान के लिए कुछ जांच की जानी ज़रूरी हैं और इससे रोग की स्टेज जानकार इसका उचित इलाज किया जा सकता है।

अग्नाशयी कैंसर का इलाज अन्य कारकों के साथ, स्टेज, ट्यूमर की जगह, और रोगी की स्थिति पर निर्भर करता है।

स्थानीयकृत (Localised) और विकसित (Locally Advanced) अग्नाशय कैंसर का इलाज | Treatment of Localised and Locally Advanced Pancreatic Cancer in Hindi

अब, ट्यूमर की सीमा के आधार पर, हम अग्नाशय के ट्यूमर के निकाले जाने की क्षमता पर चर्चा करेंगे।

अग्न्याशय के आस-पास के अंगों के विस्तार के बिना, अग्न्याशय के भीतर स्थित ट्यूमर को निकाले जाने योग्य माना जाता है।

इस चित्र में अग्न्याशय के सिर में स्थित एक ट्यूमर को देखा जा सकता है।

head of the pancreas tumor

इसी तरह, यह अग्न्याशय की पूंछ में स्थित निकाला जा सकने वाला ट्यूमर है।

अग्न्याशय की पूंछ में स्थित

अग्न्याशय के सिर में स्थित ट्यूमर, जो पक्वाशय (duodenum) तक फैले, इसे निकाला जाने वाला माना जाता है।

अग्न्याशय के सिर में स्थित ट्यूमर, जो पक्वाशय (duodenum) तक फैले

इसी तरह, अग्न्याशय की पूंछ से बढ़ने वाले ट्यूमर, जिसमें प्लीहा, बाईं किडनी, या बाईं सुपारीनल ग्रंथि शामिल होती है, इसे भी बचाया जा सकता है।

अग्न्याशय की पूंछ से बढ़ने वाले ट्यूमर

 

सुपीरियर मेसेन्टेरिक नस (superior mesenteric vein) की भागीदारी को धमनीय संलयन की सीमा के आधार पर निकाला जाने वाला (resectable), कुछ हद तक निकाला जाने वाला (boderline resectable) या ना निकाला जाने वाला (unresectable) समझा जाता है।

सुपीरियर मेसेन्टेरिक नस (superior mesenteric vein)में ट्यूमर का फैलाव

इसी तरह, पोर्टल नस (portal vein) की भागीदारी को धमनीय भागीदारी की सीमा के आधार पर निकाला जाने वाला (resectable), कुछ हद तक निकाला जाने वाला (boderline resectable) या ना निकाला जाने वाला (unresectable) समझा जाता है।

पोर्टल नस (portal vein) में ट्यूमर का फैलाव

केवल आम यकृत धमनी (common hepatic artery) में ट्यूमर का फैलाव, ज्यादातर मामलों में कुछ हद तक निकाला जाने वाला (boderline resectable) होता है।

आम यकृत धमनी (common hepatic artery) में ट्यूमर का फैलाव

सुपीरियर मेसेंटेरिक धमनी (superior mesentric artery) में ट्यूमर की फैलाव को धमनी के शामिल होने की सीमा के आधार पर निकाला जाने वाला (resectable), कुछ हद तक निकाला जाने वाला (boderline resectable) या ना निकाला जाने वाला (unresectable) समझा जाता है।

सुपीरियर मेसेंटेरिक धमनी (superior mesentric artery) में ट्यूमर की फैलाव

कैलिएक धमनी (Celiac artery) की भागीदारी भी धमनीय भागीदारी की सीमा के आधार पर निकाला जाने वाला, कुछ हद तक निकाला जाने वाला (boderline resectable) या ना निकाला जाने वाला रोग समझा जाता है।

कैलिएक धमनी (Celiac artery) में ट्यूमर की फैलाव

 

सर्जरी को निकाले जा सकने वाले रोग के लिए सबसे बेहतर इलाज समझा जाता है, लेकिन कुछ बड़े ख़तरे वाले रोगियों के लिए कीमोथेरेपी को बहुत कभी-कभी जोड़ा जा सकता है।

कुछ हद तक निकाला जाने वाले रोग (boderline resectable) के रोगियों के लिए रेडियोथेरेपी के साथ या बिना कीमोथेरेपी इस्तेमाल की जाती है, और फिर इलाज के असर के आधार पर सर्जरी का निर्णय लिया जाता है।

और ना निकाला जाने वाले रोग के रोगियों के लिए (unresectable), कीमोथेरेपी बेहतर इलाज है, और रेडियोथेरेपी शायद ही कभी इस्तेमाल की जाती है।

ऑन्कोलॉजिस्ट द्वारा रोगी के प्रदर्शन की स्थिति और रोग की सटीक स्थिति के आधार पर अंतिम निर्णय व्यक्तिगत रोगी के लिए लिया जाता है।

मेटास्टेटिक अग्नाशय कैंसर का इलाज | Metastatic Pancreatic Cancer Treatment in Hindi

यह पेरिटोनियम पर मेटास्टेसिस के रूप मौजूद हो सकता है, जो कई पेरिटोनियल के रूप में जमा होता है।

पेरिटोनियम पर मेटास्टेसिस

 

या लंग (फेफड़ों), लीवर पर मेटास्टेसिस होता है।

लंग (फेफड़ों) पर मेटास्टेसिस

 

लीवर पर मेटास्टेसिस

 

बहुत कम बार, यह दिमाग़ या हड्डियों तक भी फैल सकता है।

मेटास्टेटिक रोग के लिए कीमोथेरेपी बेहतर इलाज है।

इसके अलावा, रेडियोथेरेपी, सर्जरी, या बोन डायरेक्टेड थेरेपी का इस्तेमाल सहूलियत के लिए किया जा सकता है I

मेटास्टेटिक रोग के लिए इलाज आम तौर पर उपचारात्मक नहीं है। इलाज का मुख्य उद्देश्य जीवन को लंबा करना, लक्षणों में कमी करना और गुणवत्ता जीवन में सुधार करना होता है।

इसके साथ, हम अग्नाशय कैंसर के इलाज के अंत पर आते हैं।

कैंसर की विभिन्न स्टेजों के लिए अग्नाशय कैंसर का इलाज | Stagewise Pancreatic cancer treatment in Hindi

स्टेज I (Stage I)

ट्यूमर को निकालने योग्य माना जाता है

रेडिकल रूप से अग्नाशय को निकालना स्नेह जैसे व्हिपल प्रक्रिया (अग्न्याशय और पक्वाशय का निकाला जाना), या आंशिक अग्नाशयी को निकालना (स्थान, ट्यूमर के फैलने, आदि के आधार पर) रेक्टेन्सर ट्यूमर के मामले में बेहतर इलाज माना जाता हैI

स्टेज II (Stage II)

ट्यूमर को कुछ हद तक निकाला जाने वाले रोग (boderline resectable) माना जाता है

रेडीएशन थेरेपी के साथ या बिना कीमोथेरेपी को आमतौर पर सर्जरी के बाद दिया जा सकता है (अगर रोग निकाला जा सकने वाला बन जाता है)

स्टेज III (Stage III)

कीमोथेरेपी और/या रेडीएशन थेरेपी को आमतौर पर पैलिएटिव थेरेपी की तरह इस्तेमाल किया जाता है जैसे सर्जरी (पित्तज/गैस्ट्रिक बाईपास) या इंडोस्कोपिक पित्त स्टेंट प्लेसमेंट

स्टेज IV (Stage IV)

जब रोग शरीर के कुछ हिस्सों में फैल गया हो तब कीमोथेरेपी या इम्यूनोथेरेपी मुख्य इलाज हैं।

कीमोथेरेपी के साथ, दर्द को दूर करने के लिए पैलिएटिव थेरेपी या आवश्यकता पड़ने पर स्टेंट लगाया जा सकता है।

अग्नाशय कैंसर के विभिन्न इलाज विकल्पों की जानकारी | Overview of various treatment types for pancreatic cancer in Hindi

सर्जरी (Surgery)

सर्जरी (Surgery)

सर्जरी से रोग का इलाज लम्बे समय तक काम करता है और इसे ज्यादातर मामलों में किडनी के कैंसर में बेहतर इलाज माना जाता है। रेडिकल रूप से अग्नाशय को निकालना जैसे व्हिप्पड प्रक्रिया (अग्न्याशय और पक्वाशय को निकालना), आंशिक या पूर्ण रूप से अग्नाशय को निकालना कुछ आम सर्जरी की प्रक्रियाओं में से हैं जिसकी मंशा निकाला जाने वाले और कुछ हद तक निकाला जाने वाले (boderline resectable) कैंसर को ठीक करना है।

ना निकाले जाने वाले अग्नाशय के कैंसर के लिए, लक्षणों को कम करने के लिए सर्जरी दी जाती है, जिसमें पित्त नली की रुकावट को दूर करने के लिए पित्त/गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी और पित्त का स्टेंट लगाना शामिल हो सकता है। सर्जरी गंभीर जटिलताओं को शामिल कर सकती है, जैसे संक्रमण, रक्तस्राव, रक्त के थक्के, संक्रामक घाव क्षेत्रों से रिसाव, और पेट ठीक से खाली ना होना या पाचन में कमी, वजन घटने, मधुमेह, पेट दर्द और आंत्र में परिवर्तन जैसी विभिन्न सर्जरी के बाद की दिक्कतें।

कीमोथेरेपी (Chemotherapy)

कीमोथेरेपी (Chemotherapy)

कीमोथेरेपी कैंसर विरोधी दवा से किया जाने वाला इलाज है जिससे तेज़ी से बढ़ने वाले कैंसर सेल को मारा या कम किया जाता है। कीमोथेरेपी को बड़ी स्टेज की बीमारी के इलाज के लिए बेहतर माना जाता है, जब बीमारी दूर के शरीर के अंगों में फैल जाती है। चिकित्सक की राय और रोगी की स्थिति के आधार पर, लाभ में तेजी लाने के लिए इसे अन्य इलाज विकल्पों के साथ जोड़ा जा सकता है। इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं जैसे जी-मचलाना/उलटी, बाल झड़ना, थकान, सेल की कमी, आदि। यह इसीलिए है क्योंकि यह इलाज कैंसर सेल के अलावा सामान्य सेल पर भी अपना असर छोड़ता है।

टार्गेटेड थेरेपी (Targeted Therapy)

targeted-therapy

टार्गेटेड दवाएँ कीमोथेरेपी दवाओं की तुलना में अलग तरह से काम करती हैं क्योंकि वह अग्नाशय कैंसर सेल के विशिष्ट जीन या प्रोटीन को टार्गेट करतीं हैं, जैसे, एर्लोटिनिब एपिडर्मल ग्रोथ फैक्टर रिसेप्टर (EGFR) को टार्गेट करता है। उन्हें आमतौर पर अकेले या बड़ी स्टेज के रोग के इलाज के लिए कीमोथेरेपी के साथ जोड़कर इस्तेमाल किया जाता है।

रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy)

रेडिएशन थेरेपी (Radiation Therapy)

रेडिएशन थेरेपी में तेज़ ऊर्जा एक्स-रे या अन्य तेज़ विकिरण का इस्तेमाल होता है जिसे कैंसर सेल को मारने के लिए उनपर सीधा डाला जाता है। इसे बाहरी रेडिएशन साधन (एक्स्टर्नल बीम रेडिएशन थेरेपी) से किया जा सकता है या रेडिएशन साधन को कैंसर ऊतकों के पास (ब्रैकीथेरेपी) रखा जा सकता है। रेडियोथेरेपी को आम तौर पर दूसरे इलाज साधनों के साथ जोड़ा जाता है जैसे आगे की सर्जरी और कीमोथेरेपी। इसे सर्जरी से पहले ट्यूमर को सिकोड़ने के लिए दिया जा सकता है या सर्जरी के बाद इसके दुबारा होने की संभावना को कम करने के लिए दिया जा सकता है। इसका इस्तेमाल कभी-कभी दर्द जैसे रोग के लक्षणों के लिए किया जाता है।

पैलिएटिव ट्रीटमेंट (Palliative Treatment)

इससे अग्नाशय कैंसर के लक्षणों में राहत देकर ज़िन्दगी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है। पेलीएशन में शामिल हो सकते हैं: बाईपास सर्जरी और पित्त नली में रुकावट को दूर करने के लिए स्टेंट रखना, दर्द और अन्य लक्षण, जैसे उल्टी या थकान, को कम करने के लिए दवाओं का इस्तेमाल करना, या रक्तस्त्राव या दर्द आदि के लिए एक्स्टर्नल बीम रेडिएशन थेरेपी।

इलाज का फैसला करने से पहले हर इलाज की लाभ और हानि और बाद में होने वाली दिक्कतों को समझना बहुत ज़रूरी है। कभी-कभी मरीज़ की पसंद और सेहत भी इलाज को चुनने में बहुत महत्त्वपूर्ण होते हैं।

 

अग्नाशय कैंसर के इलाज के बुनियादी लक्ष्य निम्नलिखित हैं:

ज़िन्दगी लम्बी करना।

लक्षणों को काम करना।

ज़िन्दगी की गुणवत्ता में सुधार लाना।

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